स्टीव जॉब्स

कम्प्यूटर, लैपटॉप और मोबाइल फोन बनाने वाली कंपनी के पूर्व सीईओ तथा जानेमाने उद्योगपति स्टीव जॉब्स का जन्म 24 फरवरी 1955 को सैन फ्रांसिस्को में हुआ था।  उनके पैदा होन के समय तब इनके माता पिता की शादी नहीं हुई थी। अतः उनके माता ने उन्हें रेंहोल्ड जॉब्स और क्लारा जॉब्स को गोद दे दिया।  जब जॉब्स 5 वर्ष के थे,तो उनके माता – पिता सैन फ्रांसिस्को से माउंटेन व्यू ( California) चले गए।

जॉब्स की प्राथमिक शिक्षा मोंटो लोमा विद्यालय से तथा उच्च शिक्षा कुपटर्नो जूनियर हाई स्कूल तथा होमस्टेड हाईस्कूल से प्राप्त की। उन्होंने वर्ष 1972 में पोर्टलैंड के रीड कॉलेज से स्नातक की पढ़ाई पूरी करने के लिए प्रवेश लिया, किन्तु वह कॉलेज अधिक महंगा था। अतः स्टीव ने रीड कॉलेज छोड़ दिया। और क्रिएटिव कॉलेज में प्रवेश लिया। वर्ष 1973 में स्टीव ने टेक्निशियन के रूप में काम किया। वर्ष 1974 में वे आध्यात्मिक ज्ञान की खोज में रीड कॉलेज के कुछ दोस्तो के साथ भारत आए। भारत में वे काफी समय दिल्ली,उत्तर प्रदेश और हिमाचल प्रदेश में रहे। भारत में 7 महीने व्यतीत करने के बाद वे पुन अमेरिका लौट गए। उन्होंने भारतीय वस्त्र पहनना शुरू कर दिया था तरह बौद्ध धर्म अपना लिया था।

वर्ष 1975 में स्टीव जॉब्स और वोजनियाक ने अपने व्यवसाय का गठन किया , जिसका नाम उन्होंने एप्पल कंप्यूटर कंपनी रखा। वर्ष 1976 में वोजनियाक ने मैकिनटोश एप्पल – 1 कम्प्यूटर का आविष्कार किया तथा इसे बचन के लिए जॉब्स और वोजनियाक ने अर्द्ध सेवानिवृत इंटेल उत्पाद विपणन प्रबंधक और इंजीनियर मर्क्कुल्ला से धन लेकर एक गैरेज में कम्प्यूटर का निर्माण करने लगे। वर्ष 1978 में माइक स्कॉट को एप्पल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के रूप में नियुक्त किया ए।वर्ष 1983 में स्टीव जींस ने पेप्सी कोला के अधिकारी जॉन स्कली को एप्पल का मुख्य कार्यकारी अधिकारी बनाया।24 मई 1985 को जॉन स्कली के कहने पर स्टीव जॉब्स को मैकिनटोश प्रभाग के प्रमुख और प्रबंधकीय कर्तव्यों से हटा दिया गया।

एप्पल से त्याग पत्र देने के बाद स्टीव ने वर्ष 1985 में नेक्स्ट इंक की स्थापना की। नेक्स्ट अपने तकनीकी आविष्कारकों के लिए कुछ ही दिनों में विख्यात हो गया। टीम बर्नर्स ली ने नेक्स्ट कम्प्यूटर पर वर्ल्ड वाइव वेव का आविष्कार किया। वर्ष 1990 में नेक्स्ट ने अपना कंप्यूटर बाज़ार मै उतारा, किन्तु महंगा होन के कारण इसे बाज़ार में स्वीकार नहीं किया गया। पुनः उसी वर्ष नेक्स्ट ने नया उन्नत ‘ इंटर पर्सनल कम्प्यूटर ‘ बनाया।

वर्ष 1996 में एप्पल कंप्यूटर की स्थिति खराब हो गई। तब स्टीव जॉब्स ने नेक्स्ट को एप्पल को बेच दिया तथा एप्पल के चीफ एक्जीक्यूटिव ऑफिसर बन गए। जॉब्स वर्ष 1997 में एप्पल कंपनी का सीईओ नियुक्त हुए। उनके नेतृत्व में एप्पल ने बाज़ार में बहुत बड़ी सफलता प्राप्त की। वर्ष 200क में एप्पल ने ‘ आई पैड ‘ का निर्माण किया तथा वर्ष 2997 में ‘ आई फोन ‘ नामक मोबाइल लाया जिसने बहुत बड़ी सफलता प्राप्त की। वर्ष 2010 में एप्पल ने आईपैड नामक टैबलेट कम्प्यूटर बनाया। स्टीव जॉब्स ने वर्ष 2011 में सीईओ पद से त्याग दे दिया, किन्तु बोर्ड के अध्यक्ष बने रहे।

स्टीव जॉब्स को उनकी उपलब्धि के लिए अनेक पुरस्कार प्रदान किए गए। वर्ष 1982 में टाइम पत्रिका ने उनके द्वारा बनाए गए एप्पल कम्प्यूटर को ‘ मशीन ऑफ द ईयर ‘ का खिताब दिया। वर्ष 1985 में उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा ‘ नेशनल अवार्ड ऑफ टेक्नोलॉजी पुरस्कार ‘ प्राप्त हुआ। उसी वर्ष उन्होंने ‘ सैम्युएल एस. बीयर्ड पुरस्कार ‘ प्रदान किया गया। नवंबर 2007 में फॉर्च्यून मैगजीन ने उन्हें ‘ उद्योग में सबसे शक्तिशाली पुरुष ‘ का खिताब दिया। उसी वर्ष उन्हें ‘ कैलिफोर्निया हॉल ऑफ fame’ का पुरस्कार प्रदान किया गया। वर्ष 2009 में वे एक सर्वेक्षण में किशोरों के बीच सबसे अधिक प्रशंसा प्राप्त उद्यमी के रूप में चयनित लिए गए। इंक पत्रिका द्वारा वर्ष 1989 में ‘ दशक के उधमी ‘ नामित किए गए। 5 नवंबर 2009 को वे फॉर्च्यून पत्रिका द्वारा दशक के सीईओ नामित किए गए। नवंबर 2010 में फोर्ब्स पत्रिका ने उन्हें ‘ पर्सन ऑफ द ईयर ‘ चुना। 21 नवंबर 2011 को बुडापेस्ट में ग्राफिसाफ्ट कंपनी ने उन्हें आधुनिक युग के महानतम व्यक्तियों में से एक चुनकर विश्व में पहली कांस्य प्रतिमा भेंट दी।

जनवरी 2012 में समय का सबसे बड़ा प्रवर्तक के चुनाव में स्टीव जॉब्स ,थामस एडिशन के बाद दूसरा स्थान पर थे।12 फरवरी 2012 के मरणोपरांत ग्रैमी न्यासी पुरस्कार ,संगीत उद्योग को प्रभावित करने के लिए दिया गया। 1मार्च 2012 में फॉर्च्यून पत्रिका ने जॉब्स को शानदार दूरदर्शी और प्रेरक तथा हमारी पीढ़ी को सर्वोकृष्ट उधमि नाम दिया। जॉब्स के परिवार में उनके एक पुराने संबंध से वर्ष 1978 में जन्मी उनकी बेटी लिजा ब्रेनन जॉब्स है। जॉब्स ने वर्ष 1991 में लॉरेन पॉबेल से शादी की थी।  इस शादी से उन्हें एक पुत्र रीड तथा दो पुत्री ऐरिन और ईव है। स्टीव जॉब्स संगीतकार दी बीटल्स के बहुत बड़े प्रशंसक थे। वर्ष 2003 में स्टीव जॉब्स को पैंक्रियाटिक कैंसर हो गया । इस है बीमारी की उन्होंने ठीक से इलाज नहीं करवाया। 5 अक्टूबर 2011 को पलो अल्टो में उनके घर में उनका निधन हो गया।

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