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यह एक सच्ची घटना है जो जीवन में सफल होने के लिए “निरंतर प्रयास” करने के लिए प्रेरित करना है।

यह कहानी महान साइंसटिस्ट “थामस एडिशन”के जीवन से जुड़ी है।जो हमे निरंतर प्रयास करने के लिए प्रेरित करती हैं।

यह घटना 9 दिसंबर 1914 के USA के न्यू जर्सी की है। 9 दिसंबर की रात को न्यू जर्सी में आग लग जाती है।और आग बहुत दूर तक फैल जाती है और वो आज एक प्रयोगशाला में लग जाती है और वो प्रयोगशाला महान सांइसटिस्ट थामस एडिशन का था। 
आग लगती है तो चारों तरफ अफरा तफरी मच जाती है उतने में ही आस पास के कुछ लोग थामस एडिशन का घर पहुंच कर आग लगने की सूचना देते है।

थामस एडिशन और अपने बेटे चार्ल्स एडिशन के साथ घटना स्थल पहुचते है। तब आग की लहरे आसमान को छू रही थी।ये लहरे देख कर।

थामस एडिशन अपने बेटे चार्ल्स एडिशन से कहते है।

थामस:- चार्ल्स देखो लहरे कितनी उपर जा रही है।

चार्ल्स ये सुन कर आचंभित हो गया और बोला:- डैड आप ठीक तो है।

थामस:- मैं ठीक हूं। देखो कितनी  शानदार है जाओ अपनी मां को भी लेते आओ।

चार्ल्स ये सुन कर काफी अचंभित हो गया और फिर से चार्ल्स बोला:- आप ठीक है।

थामस :- ठीक है बेटे मां को लेकर आओ वो भी देखेगी।

चार्ल्स अपने मां को लाने चला गया और कुछ देर बाद अपनी मां को साथ लेकर आया।

थामस अपनी पत्नी से बोला:- आग की लहरे कितने शानदार तरीके से आसमान को छू रही है कितना शानदार लग रहा हैं।

ये बात सुन कर उनकी पत्नी अचंभित होकर थॉमस एडीसन को देखते रह गई।

आग को बुझा दिया गया।थॉमस , चार्ल्स, और उनकी पत्नी घर आ गए

इस घटना के अगले दिन एक पत्रकार ने थॉमस एडिशन को इंटरव्यू के लिए आमंत्रण किया। थॉमस एडीसन इंटरव्यू देने पहुंचे।

इंटरव्यू शुरू हो गई:-पत्रकार :- कैसे है।

थामस :- अच्छे है।

पत्रकार का अगला सवाल रोचक था।

पत्रकार:- आपकी उम्र 69 वर्ष हो गई है और आपका प्रोगशाला भी नहीं रहा तो आप क्या करेंगे। थॉमस ने बहुत अच्छी जवावा दिए।

थॉमस :- फिर से शुरू करूंगा।
थॉमस एडीसन का ये विचार ” फिर से शुरू करूंगा” सुन कर पत्रकार अचंभित हो गया और बोला आप 69 वर्ष की उम्र में भी शुरुआत करेंगे “तब थॉमस ने कहा हां। मै तब तक करूंगा जब तक इस दुनिया में रहूंगा अपना काम करूंगा। “
इस घटना और दुनिया के महान वैज्ञानिकों में एक थॉमस एडिशन के विचार से ये सीख मिलती है कि हमें उम्र, स्थिति की परवाह किए अपने काम को अच्छे से करे और जब तक इस दुनिया में रहे तब तक सीखते रहे और करते रहे। और जीवन को सफल बनाने के लिए”निरंतर प्रयास” करते रहे।

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