पहले सीखें

एक गांव में 3 दोस्त रहता था। तीनों अच्छे दोस्त थे।एक दिन तीनों दोस्त एक तालाब के किनारे बैठा था और उस तालाब में 1 आदमी तैर रहा था। तो तीनों में आपस में बात करने लगा की वो आदमी किस तरह पानी के ऊपर तैर रहा है।
इसी बात पर एक दोस्त ने बोला कि तैरना कुछ नहीं है बस पानी में उतर कर तैरने लगना है। इतने में पहला दोस्त उस तालाब में कूद गया और वो तैरना नहीं जानता था और वो डूबने लगा।
तभी उस तालाब में तैर रहे तैराक और दोस्त ने उसका जान बचा लिया। फिर पहला दोस्त पानी तक जाने में डरने लगा।
पहला दोस्त को डूबते देख दूसरा दोस्त ने पानी में नहीं जाने का निश्चय किया उसको उस पानी से इतना डर हो गया कि कोई साधारण आदमी तैर ही नहीं सकता है।
लेकिन तीसरा दोस्त ने ये सोचा की वो तैर सकता तो हम क्यों नहीं तैर सकते है इसके लिए तीसरा दोस्त ने पहले उस तैराक से पूछ आप कैसे तैरते है तो तीसरा दोस्त पहले गर्दन तक पानी में जाकर तैरना सीखा उसके बाद जब वो तैरना सीख गया तो वो तालाब में किनारे किनारे तैरता था कहीं डूब न जाय तो तुरंत बाहर निकल सकते है और जब वो तैरने में एक्सपर्ट हो गया तो तालाब के बीच में गया और वो हर तरीके से तैरने लगा सीधा उल्टा होकर सब।अब तीसरा दोस्त नदी में भी तैर सकता था क्यूंकि वो अच्छी तरह से तैरना सीख गया थालेकिन पहला दोस्त बिना तैरे सीखे सीधा गहरा पानी में खुद गया और डूबने लगा जिसके डर से वो दुबारा पानी में नहीं गया।
दूसरा दोस्त में ये डर हो गया कि ये मेरा बस की बात नहीं उसके लिए कोशिश तक नहीं किया और वो तैरना नहीं सीखा।
इस कहानी से हम यह सीख मिलती है कि अगर आप बिना जाने को,बिना सीखे  बड़ा कदम उठा लेते है तो आप असफलता की तरफ जाते है और उसी तरह को व्यक्ति किसी की असफलता देख कर कोशिश तक नहीं करता है वो भी राह असफलता की ओर जाता है लेकिन इसी दोनों रास्तों के बीच एक रास्ता है जो सिंपल है जिसमे पहले आप जिस चीज को हासिल करना चाहते है उसके बारे में अच्छे से जानकारी प्राप्त करें फिर उस अच्छे से करने के लिए सीखे और जब आप सीख लेते है तो आप कोशिश करते है तो आप जरूर सफल होंगे और फिर आप उस मंजिल तक पहुंच सकते है जांहा आप जाना चाहते है  

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